“रोमं रोमं रसना जो होती, तऊ तेरे गुन न बखाने जात || ” - स्वामी श्री हरिदास
ओ श्री राधा, यहां तक कि लाखों भाषाएं रखने के बाद भी मैं अपने गुणों को पूरी तरह से नहीं बता सकता।
"Rom Rom Rasna Jo Hoti, Tau Tere Gun Na Bakhane Jaat" - Swami Shri Haridas - Kelimal
Website: www.brajrasik.org

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